एसएसबी 44 वाहिनी ने सीमावर्ती युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया बड़ा कदम
एसएसबी 44 वाहिनी ने सीमावर्ती युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उठाया बड़ा कदम
इंडो–नेपाल बॉर्डर की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 44 वाहिनी नरकटियागंज न केवल सीमा सुरक्षा बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी लगातार सक्रिय है। इसका जीवंत उदाहरण डी समवाय मुंगरहा के कार्यक्षेत्र अंतर्गत गौनहा फुटबॉल ग्राउंड में देखने को मिला, जहां एक प्रशिक्षण कोर्स का समापन तथा दो नए प्रशिक्षण कोर्स का शुभारंभ किया गया।
समापन समारोह में 15 दिवसीय सेना एवं सशस्त्र बलों में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले लगभग 200 युवक-युवतियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं, रोजगारपरक दो नए प्रशिक्षण कोर्स का शुभारंभ किया गया, जिनमें चक्रसेन गांव में 21 दिवसीय खाना बनाने एवं कैटरिंग प्रशिक्षण तथा मुंगरहा में 15 दिवसीय दोपहिया वाहन मरम्मत प्रशिक्षण शामिल है। सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं और युवतियों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से कुल 50 प्रशिक्षुओं के लिए ये कोर्स संचालित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भारत सरकार के कोयला एवं खनन राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, रामनगर विधायक श्री नंद किशोर राम, गौनहा अंचल अधिकारी श्री विवेक कुमार सिंह, स्वच्छता प्रवेक्षक श्री अमित कुमार, थाना प्रभारी श्री अमित कुमार, कुमार फाउंडेशन के निर्देशक आकाश जी तथा 44 वाहिनी के कमांडेंट श्री बलवंत सिंह नेगी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों के लोगों को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही एसएसबी द्वारा समय-समय पर चलाए जा रहे विभिन्न जागरूकता एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों—जैसे महिलाओं को एसएसबी/सीएपीएफ में भर्ती हेतु प्रोत्साहन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, रक्तदान शिविर, पर्यावरण संरक्षण, मधुमक्खी पालन, नशा मुक्त भारत अभियान तथा केंद्र सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं—की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
सभी प्रशिक्षण कोर्स कुमार फाउंडेशन, बगहा (एनजीओ) द्वारा संचालित किए जाएंगे। कार्यक्रम में 44 वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट ज्ञानेंद्र कुमार, डिप्टी कमांडेंट कृष्ण कुमार, सहायक कमांडेंट सागर मलिक, निर्मल चकमा, जीतू आशीष कृष्णा, परिमल कुमार मंडल, सेरिंग अंकुल सहित अन्य अधिकारी एवं बलकर्मी मौजूद रहे। इसके अलावा बलबल, कैरी, नागरदेही, भंगहा, सिरसिया, पचरौता, भिखनथोरी, चक्रसेन और मुंगरहा सहित विभिन्न सीमावर्ती गांवों के लगभग 400 युवक-युवतियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान कुमार फाउंडेशन के निर्देशक द्वारा सीमावर्ती पुरुषों और महिलाओं के बीच कमल न्यूट्रीशन का वितरण भी किया गया।