कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी : डॉ.मोहिब
रांची। राजधानी के मेन रोड पर अवस्थित ख्यातिप्राप्त चिकित्सा संस्थान “राज अस्पताल” के क्रिटिकल केयर कंसल्टेंट डॉ.मोहिब ने कहा है कि विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने से ही वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव संभव है। उन्होंने बताया कि कोरोना का कहर कम हुआ है, लेकिन अभी भी कोरोना संक्रमण का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। इसका वायरस पुनः और अधिक शक्तिशाली होकर वापस आ गया है। इस बार यह अधिक सक्रिय रूप में संक्रमण फैला रहा है। इसके लक्षण भी इस बार अलग हैं।
खांसी नहीं है,बुखार नहीं। शरीर में सुस्ती, जोड़ों में दर्द, कमजोरी आदि लक्षण हैं। कोविड निमोनिया के कारण भूख में कमी भी हो सकती है।
डॉ.मोहिब ने बताया कि कोरोना के नए स्ट्रेन के बड़े प्रसार के कारण मृत्यु संख्या अधिक हो सकती है। साथ ही इसके चरम पर पहुंचने में कम समय लग सकता है। कभी-कभी कोई लक्षण नहीं, फिर भी मरीज की जांच कराने पर पाॅजिटिव रिपोर्ट आती है। इसलिए सावधान रहना जरूरी है।
यह सीधे फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने बताया कि बुखार के बिना कई रोगियों को देखा है, लेकिन एक एक्स-रे रिपोर्ट में मध्यम छाती निमोनिया दिखाया गया है।
कोविड-19 के लिए नाक का स्वाब अक्सर नकारात्मक होता है। इसका वायरस सीधे फेफड़ों में फैलता है, जो वायरल निमोनिया के कारण तीव्र श्वसन संकट पैदा करता है। इससे बचाव के लिए
सावधानी और सतर्कता बरतने की जरूरत है। जिसे हम सभी को आने वाले कुछ महीनों तक अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। डॉ.मोहिब ने कोरोना से बचाव के मद्देनजर लोगों से
अपील की है कि अपने शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कम न होने दें और पहले से विशेष सावधानी बरतें।
भीड़ भरे स्थानों से बचें,
अनावश्यक यात्रा से परहेज करें, अपना मास्क सार्वजनिक स्थानों पर अनिवार्य रूप से लगाए रखें,
जल्द से जल्द वैक्सीन लें।
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