सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची का पनाश 2026 : जब विदाई आजीवन यादों में बदल गईं और दिलों ने दोस्ती की भाषा बोली
विद्यार्थियों का स्वागत पारंपरिक एवं ऊर्जावान संथाली नृत्य से किया गया। उसकी लोक कला, लय और भावपूर्ण मुद्राओं ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सजीव रूप में प्रस्तुत किया और सभी के हृदयों को छू लिया।
सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची द्वारा कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए 16 एवं 17 जनवरी -2026 को शांत, सुरम्य रिसॉर्ट कुशल पल्ली में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन केवल एक विदाई समारोह नहीं, बल्कि स्मृतियों, मित्रता और साझा यात्राओं का एक भावनात्मक उत्सव था, जहाँ साधारण “अलविदा” आजीवन संजोए जाने वाले पलों में बदल गया। प्रकृति की गोद में आयोजित यह कार्यक्रम इस सत्य का सजीव प्रमाण था कि समय भले ही आगे बढ़ जाए, पर विद्यालय में बने रिश्ते सदा अमर रहते हैं।
विद्यार्थियों का स्वागत पारंपरिक एवं ऊर्जावान संथाली नृत्य से किया गया। उसकी लोक कला, लय और भावपूर्ण मुद्राओं ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सजीव रूप में प्रस्तुत किया और सभी के हृदयों को छू लिया। पूरे वातावरण में अपनापन, भावुकता और यह अहसास व्याप्त था कि ये क्षण अनमोल और क्षणभंगुर हैं। पनाश -2026 को इस प्रकार आयोजित किया गया कि यह केवल प्रतिभा और मनोरंजन का मंच न होकर टीमवर्क, नेतृत्व, सांस्कृतिक सराहना, भावनात्मक जुड़ाव और आजीवन मित्रता का उत्सव बन सके।
यात्रा की शुरुआत प्रातःकाल विद्यालय आगमन से हुई, जहाँ हर चेहरे पर उत्साह झलक रहा था। उपस्थिति और अल्पाहार के पश्चात बच्चे कुशल पल्ली की ओर रवाना हुए, जिनमें हँसी, उमंग और आने वाले यादगार पलों की उम्मीद समाई हुई थी। कमरों के आवंटन और दोपहर के भोजन के बाद विद्यार्थी बहुप्रतीक्षित सांस्कृतिक संध्या पनाश- 2026 की तैयारियों में जुट गए।
संध्या होते ही रिसॉर्ट रंग, संगीत और भावनाओं से जीवंत हो उठा। प्रतिभा पहचान प्रतियोगिता इस समारोह की आत्मा बनी। विद्यार्थियों ने गायन तथा ऊर्जावान एवं सुमधुर नृत्य, आत्मविश्वास से भरी रैम्प वॉक तथा हास्य प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लाइव म्यूजिक बैंड, डीजे सेशन और ओपन फ्लोर सेलिब्रेशन ने कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी और सभी को खुलकर स्वयं को व्यक्त करने का अवसर मिला।
रात्रि का सबसे भावुक क्षण तब आया जब पूरा बैच एक साथ “ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” गीत गाने के लिए मंच पर एकत्र हुआ। काँपती आवाजें, नम आँखें और भावनाओं से भरे हृदय वर्षों की साझा कक्षाओं, निस्वार्थ सहयोग, हँसी-आँसू और अनकहे वादों की कहानी कह रहे थे। वह क्षण मानो समय को थाम लेने वाला था, जहाँ मित्रता को शब्द मिले और स्मृतियाँ हमेशा के लिए अमर हो गईं।
ग्लैमरस रैम्प वॉक और मंचीय प्रस्तुतियों के पश्चात विभिन्न प्रतिष्ठित उपाधियों की घोषणा की गई। मिस्टर एसबीपीएस का खिताब नभ्य लाल तथा मिस एसबीपीएस का सम्मान प्रज्ञाश्री होता को प्रदान किया गया। मिस्टर वर्सेटाइल और मिस वर्सेटाइल की उपाधियाँ क्रमशः वैष्णव और कौशिकी को मिलीं। उत्कृष्ट स्टाइल और एलिगेंस के लिए दैविक अग्रवाल एवं निश्का राज को मिस्टर स्टाइल आइकन और मिस स्टाइल आइकन चुना गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु देव राठी (स्टार परफॉर्मर - बॉयज) और अमृता चटर्जी (स्टार परफॉर्मर - गर्ल्स) सम्मानित हुईं। वहीं ऋतांशु और हंषिका अग्रवाल को क्रमशः मिस्टर करिश्मैटिक और मिस करिश्मैटिक का ताज पहनाया गया। केक कटिंग समारोह और परिणाम घोषणाओं ने आपसी जुड़ाव और सामूहिक उपलब्धियों की खुशी को और बढ़ा दिया।
कुशल पल्ली में खुले आकाश के नीचे रात्रि भोज ने आत्मीय संवाद, हँसी-मजाक और शांत आत्मचिंतन के पल प्रदान किए। साथ बैठकर विद्यार्थियों ने महसूस किया कि वर्षों की यह यात्रा उन्हें कितनी गहराई से एक-दूसरे से जोड़ चुकी है।
अगली सुबह ऊर्जा और उल्लास से भरी रही, जब ताजगीभरी पूल पार्टी और स्वादिष्ट नाश्ते के साथ दिन की शुरुआत हुई। विशेष समूह फोटोग्राफी सत्र में केवल मुस्कानें ही नहीं, बल्कि वे भावनाएँ भी कैद हुईं जो भविष्य में अतीत की अमूल्य खिड़कियाँ बनेंगी।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पनाश -2026 केवल एक विदाई नहीं, बल्कि उनके विकास, दृढ़ता और मित्रता की यात्रा को समर्पित एक खूबसूरत कार्यक्रम है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे सरला बिरला स्कूल में सीखी गई ईमानदारी, सहानुभूति और निरंतर प्रयास के मूल्यों को अपने जीवन में सदैव अपनाएँ। सपनों पर विश्वास रखते हुए विनम्रता के साथ कठोर परिश्रम करने का संदेश देते हुए उन्होंने याद दिलाया कि सच्ची सफलता का मार्ग चरित्र, करुणा और साहस से होकर गुजरता है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल, उद्देश्यपूर्ण और सफल भविष्य की कामना की।
कुशल पल्ली में आयोजित यह विदाई समारोह भावुकता और आशा के संग सम्पन्न हुआ। यह इस बात का मधुर संकेत था कि भले ही एक अध्याय समाप्त हुआ हो, पर एक नई और सुंदर यात्रा का आरंभ हो चुका है। अविस्मरणीय यादों से बंधे, मूल्यों से सशक्त और मित्रता से एकजुट होकर सत्र- 2026 के विद्यार्थी अपने हृदय में एसबीपीएस को सदा के लिए संजोए आगे बढ़ें।